रेल एडीजी अरुणा मोहन राव ने कहा- मुझे जानकारी दी गई है कि ये रैंप 1992 में बना था। ज्यादा पुराना होने से कमजोर हो गया होगा। इसकी सुरक्षा के प्रोटोकॉल क्या हैं, हम इसकी जानकारी ले रहे हैं। इसमें कानूनी कार्रवाई होगी, जो भी दोषी हैं। एडीजी ने कहा- स्टेशन के जर्जर हालत में पहुंचे ओवरब्रिज और रैंप की जांच और परीक्षण तकनीकी टीम से कराएंगे।
1992 में बना था रैंप